Increase / Decrease
Choose color

सपनों का सफर

सपनों का हक की दूसरी पत्रिका, जो पाठकों को बुलबुल और फैज़ा से मिलाती है। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के अपने घर से लंबा सफर तय किया है। उन्होंने अपने सपनों महत्वाकांक्षाओं, शिक्षा, स्वतंत्रता और गति को सीमित करने वाली सामाजिक प्रथाओं के विरुद्ध संघर्ष किया है। बुलबुल और फैज़ा के सपने क्या हैं? क्या उनका परिवार और समाज उनके सपने पूरे होने देगा? क्या परिचर्या के कार्य का बोझ कभी उनके विचार बदल देता है? लड़की होने के नाते, क्या उन्हें अपने लक्ष्य पूरा करने का दूसरा, तीसरा या चौथा मौका मिलेगा?