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परामर्शदाता: देवेंद्र गाँधी 

डेटा थीम: अनुदान, स्वास्थ्य और पोषण 

उद्देश्य: राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) की कवरेज बेहतर बनाना और ग्रामीण स्वास्थ्य और पोषण दिवसों (VHND) और एडॉलेसेंट फ्रेंडली हेल्थ क्लीनिक्स (AFHCs) पर आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं तक किशोरों की पहुँच सुनिश्चित करना।

मुख्य परिणामइस रणनीतिक अंतःक्षेप ने समुदाय के साथ कई मीटिंग और कार्यशालाएँ आयोजित की, खासकर स्थानीय किशोरों के साथ, और UDAYA सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारियाँ तथा तथ्यपत्रक साझा किए। इन कार्यक्रमों की पहुँच 100 से ज्यादा किशोरों तक थी और उन्हें साप्ताहिक आयरन फॉलिक एसिड अनुपूरक (WIFS) तथा आयरन फॉलिक एसिड टेबलेट के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

400 किशोरों और समुदाय के सदस्यों के हस्ताक्षर वाले VHNDs और AFHCs की बेहतर सेवा प्रदानगी की माँग करने वाले पत्र को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और RKSK नोडल अधिकारी ने स्वीकार किया। 

इस अंतःक्षेप ने स्थानीय अधिकारियों को पाँच किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित करने के लिए प्रेरित किया, जहाँ लगभग 200 किशोरों को राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK) के अनुसार जानकारी और अनुदान दिए गए।  

परामर्शदाता ने मीडिया के साथ मीटिंग का आयोजन किया, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर UDAYA अध्ययन संबंधी जानकारी कम से कम पाँच मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित हुई। 

प्रक्रिया: किशोर समूहों और व्यापक समुदाय के साथ आयोजित मीटिंग और ईवेंट्स में जानकारी मिली और उत्तरवर्ती चर्चा से खुलासा हुआ कि अधिकांश किशोरों ने स्थानीय स्तर पर RKSK प्रोग्राम के बारे में कभी सुना ही नहीं था और वे उन विशेष प्रदत्त वस्तुओं के बारे में जानने के लिए बहुत उत्सुक थे, जो उनके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए था। अंतःक्षेप ने AFHCs पर किशोरों की एक विजिट भी आयोजित की। 

कुछ महीने की अवधि में पाँच किशोर स्वास्थ्य दिवस आयोजित किए गए, जिसमें नुक्कड़ नाटक, नारा लेखन प्रतियोगिता, हस्ताक्षर अभियान आदि चलाए गए। इनमें 200 से ज्यादा किशोरों ने भाग लिया और प्रदत्त वस्तुएँ प्राप्त किया। कुछ ही समय बाद, कोविड-19 के संक्रमण की दूसरी लहर के चलते शिविरों को स्थगित कर दिया गया और इसके बाद लॉकडाउन लग गया। फिर भी, इस पहल में इस अवसर का उपयोग सामुदायिक निगरानी प्रयास के लिए किया गया, जिससे पता चला कि किशोरियों को अब सैनिटरी नैपकिन की आपूर्ति नहीं की जा रही है। अक्सर यह स्कूलों के माध्यम से प्रदान किया जाता था, लेकिन लॉकडाउन लगने पर कोई भी लड़की स्कूल नहीं जा रही थी, न तो राजकीय अधिकारी सैनिटरी नैपकिन की अधिप्राप्ति और वितरण के लिए अनुदान जारी कर रहे थे। 

VHNDs और AFHCs की सेवा प्रदायगी को मजबूती प्रदान करने संबंधी अनुशंसाओं वाले एक पत्र की रूपरेखा तैयार की गई। इस पर लगभग 400 किशोरों और उनके अभिभावकों ने हस्ताक्षर किया। यह पत्र जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। इस अनुशंसा पत्र को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और RKSK नोडल अधिकारी ने स्वीकार कर लिया | 

वर्तमान में, जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी सेवा प्रदायगी की खामियों को जानते हैं और सार्वजनिक बैठकों में उन्होंने समुदाय द्वारा अग्रेषित कई अनुशंसाओं को स्वीकार किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने RKSK कार्यक्रम के बेहतर कार्यान्वयन का फॉलो अप लेने का मौखिक आश्वासन भी दिया है।