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परामर्शदाता: रमेश

डेटा थीम: स्वास्थ्य और पोषण, अनुदान

उद्देश्य: वितरण संबंधी बाधाओं का समाधान करके साप्ताहिक आयरन फॉलिक अनुपूरक कार्यक्रम की स्कूल स्तर पर कवरेज बेहतर बनाना; पोषण, विशेषकर रक्ताल्पता के जोखिम, आहार विविधता के महत्व, IFA अनुपूरकता संबंधी जानकारी और परामर्श तक बेहतर पहुँच प्रदान करना।

मुख्य परिणाम: परियोजना में पाँच उच्च विद्यालयों और 10 आँगनवाड़ी केंद्रों के किशोरों को शामिल किया गया।

कम से कम 100 लोग, जिसमें किशोर, आँगनवाड़ी केंद्र, स्कूल के शिक्षक और अन्य हितधारकों को साप्ताहिक आयरन फॉलिक एसिड अनुपूरक कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई। 

किशोरों के स्वास्थ्य से संबंधित चिंताओं का समाधान करने तथा विभिन्न सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूल में युवा समितियाँ बनाई गई।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (MOIC) ने चुनिंदा विद्यालयों में स्वास्थ्य जाँच और किशोरियों के लिए IFA वितरण आयोजित किया। MOIC और प्रखंड संसाधन समन्वयक ने भी नियमित रूप से IFA टैबलेट की अधिप्राप्ति के लिए आधिकारिक पत्र जारी करके, इसके प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

प्रक्रिया:  इस परियोजना का फोकस वितरण संबंधी बाधाओं को दूर करके, स्कूल में RKSK के कार्यान्वयन, विशेष रूप से साप्ताहिक आयरन फॉलिक अनुपूरक कार्यक्रम (WIFS) में सुधार लाना तथा जानकारी एवं परामर्श तक पहुँच बेहतर बनाना था। यहाँ मुख्य चिंता इस बात की थी कि आयरन फॉलिक एसिड (IFA) टैबलेट किशोरियों को नहीं दिए जा रहे थे। इसके अतिरिक्त, फील्ड विजिट के दौरान, यह देखा गया था कि कई स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय नहीं था; लड़के और लड़की एक ही शौचालय में जाते थे। स्कूल के शिक्षकों, प्रखंड के विभागों के अधिकारियों, आँगनवाड़ी कर्मचारी और आशा तथा एएनएम जैसे फ्रंटलाइन वर्कर के साथ बैठकों के माध्यम से इन मुद्दों का समाधान किया गया।. 

बैठकों और परामर्शों से पता चला कि IFA टैबलेट स्कूल में नहीं दिए जा रहे थे, क्योंकि संबंधित कर्मचारी WIFS योजना के इस पहलु के बारे में नहीं जानते थे; वे समझते थे कि किशोरियों को IFA टैबलेट देने का काम आँगनवाड़ी कर्मचारियों और FLWs का होना चाहिए। फिर भी, अपनी जिम्मेदारी को जानने के बाद जिम्मेदार शिक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी इस काम के लिए तैयार थे। उन्होंने चयनित स्कूलों और आँगनवाड़ी केंद्रों में WIFS सेवा के घटकों को विनियमित करने का वादा किया है।  

यह सुनिश्चित करने के लिए कि स्कूल न आने वाली किशोरियों को भी समय पर IFA टैबलेट मिलता रहे, आँगनवाड़ी केंद्रों के प्रभारी बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी (CDPO) से आगे बातचीत की जा रही है। परियोजना की दूसरी सफलता किशोरों की स्वास्थ्य चिंताओं के समाधान के लिए स्कूल युवा समितियों का निर्माण करना और विभिन्न सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इनमें पीयर एजुकेटर होते हैं और एक पुरुष और एक महिला फोकल पॉइंट टीचर होते हैं, जो उनकी मदद के लिए परामर्शदाताओं के रूप में काम करते हैं। इसके अतिरिक्त, कई स्कूलों में शौचालय सुविधा की मरम्मत करवाई गई है, ताकि लड़कियों को स्वच्छ शौचालय मिल सके — जो लड़कियों को स्कूल में बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।